📜 मेंटर Vikraant का आत्मीय मार्गदर्शन
प्रिय शिष्य! जब 6ठे, 8वें या 12वें भाव के स्वामियों की दशा चलती है और गोचर का शनि या राहु उन भावों को छूता है, तब बीमारी प्रकट होती है। किंतु 5वें (उपचार) और 11वें (रोग मुक्ति) भावों का शुभ प्रभाव स्वास्थ्य लाभ प्रदान करता है!
1. ज्योतिषीय एवं आयुर्वेदिक अचूक स्वास्थ्य उपचार
| पीड़ित ग्रह | आयुर्वेदिक औषधि / दान | मंत्र एवं अनुष्ठान |
|---|---|---|
| सूर्य | गेहूं, तांबा, लाल चंदन दान; बेलपत्र जड़ | आदित्य हृदय स्तोत्र, सूर्य नमस्कार |
| चंद्रमा | दूध, चावल, चांदी दान; खिरनी जड़ | महामृत्युंजय मंत्र, शिव पूजन |
| मंगल | लाल मसूर दाल, गुड़ दान; अनंतमूल | हनुमान चालीसा, सुंदरकांड पाठ |
| शनि | तिल, सरसों तेल, काला कपड़ा दान | शनि चालीसा, पीपल वृक्ष सेवा |
2. गोचर एवं गलत डायग्नोसिस चेतावनी
राहु का गोचर: राहु का 6ठे भाव या लग्नेश पर गोचर गलत लैब रिपोर्ट या गलत डायग्नोसिस कराता है। ऐसे में दूसरी मेडिकल सलाह अवश्य लेनी चाहिए!