← ग्रंथालय
वैदिक ज्योतिष / चिकित्सा एवं मेदिनी ज्योतिष
18px
वैदिक ज्योतिष मॉड्यूल: चिकित्सा एवं मेदिनी ज्योतिष

अध्याय 17.2: नवग्रह एवं व्याधि विज्ञान — सूर्य, चंद्र, मंगल, बुध, गुरु, शुक्र, शनि, राहु-केतु जन्य रोग

नवग्रह व्याधि विज्ञान (Navagraha Medical Astrology), नवग्रह जनित रोग (सूर्य-हृदय/अस्थि, चंद्र-मन/द्रव, मंगल-रक्त, बुध-तंत्रिका, गुरु-लिवर/मेद, शुक्र-शुक्र/किडनी, शनि-वात, राहु-विष/कैंसर, केतु-शल्य)।

नवग्रहों का शारीरिक धातु (Dhatu) एवं रोगों पर नियंत्रण, पीड़ित ग्रहों से उत्पन्न शारीरिक व मानसिक विकारों की सम्पूर्ण तालिका
📜 मेंटर Vikraant का आत्मीय मार्गदर्शन (Guru's Keynote)

प्रिय शिष्य! शरीर की 7 धातुओं (अस्थि, रक्त, मज्जा, त्वचा, वसा, प्रजननीय द्रव, स्नायु) पर नवग्रहों का आधिपत्य है। जब कोई ग्रह पाप ग्रहों से पीड़ित या मारक भावों का स्वामी बनता है, तो उससे संबंधित धातु क्षीण होकर रोग उत्पन्न करती है।

उदाहरण के लिए: सूर्य कमजोर होने पर अस्थि व हृदय रोग; चंद्रमा पीड़ित होने पर मानसिक डिप्रेशन व जल विकार; मंगल पीड़ित होने पर उच्च रक्तचाप व एक्सीडेंट का खतरा रहता है। आइए, नवग्रहों के रोग कारकत्व की विस्तृत तालिका का अध्ययन करें!

🩸 1. 9 ग्रहों के रोग कारकत्व एवं शारीरिक धातु सारणी

ग्रह (Planet) नियंत्रित शारीरिक धातु (Dhatu Controlled) पीड़ित होने पर उत्पन्न रोग (Associated Diseases)
सूर्य (Sun) अस्थि (Bones), आत्मा, नेत्र ज्योति, हृदय। हृदय रोग, अस्थि भंग, सिरदर्द, नेत्र रोग, सिर गंजापन।
चंद्रमा (Moon) रक्त का द्रव भाग (Plasma), मन, छाती। अनिद्रा, डिप्रेशन, निमोनिया, कफ, रक्ताल्पता (Anemia)।
मंगल (Mars) मज्जा (Marrow), रक्त कण, मांसपेशियां। उच्च रक्तचाप (High BP), फोड़े-फुंसी, ब्लीडिंग, दुर्घटना, शल्य क्रिया।
बुध (Mercury) त्वचा (Skin), स्नायु तंत्र (Nervous System)। त्वचा रोग (Eczema), हकलाना, तंत्रिका विकार, पक्षाघात।
बृहस्पति (Jupiter) मेद (Fat), यकृत (Liver), मस्तिष्कीय ज्ञान। मोटापा, लीवर सिरोसिस, पीलिया, डायबिटीज (मधुमेह)।
शुक्र (Venus) वीर्य / शुक्र (Sperm/Ovum), गुर्दे (Kidney)। शुक्र विकार, गुर्दे की पथरी, प्रसूति रोग, डायबिटीज।
शनि (Saturn) स्नायु, वात, घुटने, नसें (Veins)। गठिया (Arthritis), लकवा, नसों का ब्लॉक होना, कब्ज।
राहु (Rahu) विष (Toxins), आंतों के कीड़े, भ्रम। कैंसर, फूड पॉइजनिंग, अज्ञात बीमारी, संक्रमण।
केतु (Ketu) नसें, शल्य चिकित्सा उपकरण। शल्य क्रिया (Surgery), चेचक, त्वचा पर दाग, रीढ़ की हड्डी रोग।

❓ 2. बहुप्रचलित प्रश्नोत्तरी (FAQs)

प्रश्न 1: कैंसर का मुख्य ग्रह कौन सा माना जाता है?
उत्तर: मेडिकल ज्योतिष में कैंसर हेतु राहु, शनि और 6ठे/8वें भाव के स्वामी का गंभीर पापक प्रभाव देखा जाता है।
☸ दैनिक खगोलीय पंचांग घड़ी
--:--:-- --
⚡ सक्रिय चौघड़िया
लोडिंग...
☀️ वर्तमान होरा
लोडिंग...
⚠️ राहुकाल (सावधानी)
लोडिंग...
🌟 अभिजित मुहूर्त (उत्तम)
11:48 - 12:36